रांची में बन रही विश्वस्तरीय आधुनिक लाइब्रेरी: छात्रों के लिए नई उम्मीद
A World-Class Modern Library Under Construction in Ranchi
रांची। A World-Class Modern Library Under Construction in Ranchi, रांची विवि परिसर, मोरहाबादी में 65 करोड़ की लागत से छह मंजिला आधुनिक पुस्तकालय का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। तीन शिफ्ट में पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए बन रहे पुस्तकालय के निर्माण कार्य का जायजा राज्यपाल संतोष गंगवार व रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने लिया।
यहां कार्यरत अभियंताओं एवं कर्मियों से इसकी प्रगति की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान, अध्ययन और उज्ज्वल भविष्य की एक सशक्त आधारशिला है।
इस परियोजना में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड एवं कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा कारपोरेट सोशल रिस्पान्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत दिए गए योगदान के लिए उन्हें बधाई दी। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी रांची को शीघ्र ही एक ‘वर्ल्ड क्लास माडर्न लाइब्रेरी’ प्राप्त होगी।
ज्ञान, अनुशासन और आत्मविकास का होगा प्रमुख केंद्र
यह छह मंजिला पुस्तकालय अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जहां एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुस्तकालय न केवल रांची, बल्कि पूरे झारखंड के युवाओं के लिए ज्ञान, अनुशासन और आत्मविकास का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।
यह विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगा तथा उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके द्वारा बरेली में भी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त एक माडल पुस्तकालय की स्थापना की गई थी।
राज्यपाल ने इस परियोजना से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाएगा तथा यह पुस्तकालय झारखंड के युवाओं के लिए आशा, अवसर और उपलब्धि का एक नया द्वार बनेगा।
वीर सपूतों की होंगी तस्वीरें, ग्रामीण प्रतिभाएं होंगी लाभान्वित
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि यह पहल विशेषकर उन ग्रामीण एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए, जिन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, उनके के लिए अत्यन्त ही सार्थक है।
उन्होंने कहा कि इस पुस्तकालय के प्रथम तल पर परमवीर चक्र से सम्मानित 21 वीर सपूतों के चित्र लगाए जाएंगे। राज्यपाल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि पूरी पहली मंजिल को इन वीरों को समर्पित किया जाए, जहां उनके शौर्य और बलिदान की कहानियां भी प्रदर्शित होंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह आधुनिक पुस्तकालय देश के चुनिंदा पुस्तकालयों में स्थान प्राप्त करेगा तथा इसमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अलग से बैठने एवं अध्ययन की व्यवस्था की गई है।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस लाइब्रेरी के निर्माण को लेकर लगभग पांच वर्ष पहले चर्चा शुरू हुई थी, जो अब जमीन पर उतरती दिख रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना रांची के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी और युवाओं को नई दिशा देगी।
कैफेटेरिया में रिफ्रेशमेंट की सुविधा
पुस्तकालय में जहां एक साथ पांच हजार से अधिक छात्र बैठकर पढ़ाई करेंगे। हर तल पर माडर्न रीडिंग रूम होंगे। छात्रों को बेहतर और शांत वातावरण यहां मिलेगा। नीचे कैफेटेरिया होगी, जहां चाय-पानी मिल सकेगा।
पढ़ने वालों को कहीं बाहर नहीं जाना पड़ेगा। पुस्तकालय 24 घंटे चलता रहेगा। मोरहाबादी में रांची विवि के साथ ही डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि भी है। बगल में डा रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान भी है।
तीनों संस्थाओं के विद्यार्थियों, शोधार्थियों व स्वतंत्र अध्ययन करने वाले लाभ ले सकेंगे। यहां छह लिफ्ट, जेनरेटर, मल्टीपरपज हाल, लाकर रूम और पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही छोटे बच्चों के लिए अलग रीडिंग एरिया, नागरिकों के लिए योग हाल और एक आकर्षक ओपन सिटिंग एरिया भी विकसित किया जा रहा है।
ट्रस्ट द्वारा होगा संचालन
निर्माण कार्य तेजी से जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जून तक बनकर तैयार हो जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जून या जुलाई में इसका उद्घाटन कर दिया जाए, ताकि छात्र जल्द से जल्द इसका लाभ उठा सकें। इसके बेहतर संचालन के लिए एक ट्रस्ट भी बनाने पर विचार हो रहा है।
कोल इंडिया और सीसीएल का अहम योगदान
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड (सीसीएल) का बड़ा योगदान रहा है। इनके सहयोग से यह आधुनिक पुस्तकालय बन रहा है।
एक नजर में क्या है खास
- 13,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्मित, जहां 5000 से अधिक छात्र एक साथ बैठ सकते हैं।
- हर तल पर आधुनिक रीडिंग रूम।
- हर तल पर डिजिटल और भौतिक संसाधन, स्टडी लैब और कैफेटेरिया की व्यवस्था।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग जोन और देश के परमवीर चक्र विजेताओं को समर्पित गैलरी।